गेय मुक्तक काव्य, वह काव्य है जो भाव-प्रधान होता है और जिसे सुर और लय के साथ गाया जा सकता है. यह एक स्वतंत्र रचना है जो अपने आप में पूर्ण होती है और जिसका किसी अन्य छंद या रचना से कोई संबंध होना आवश्यक नहीं है.
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